अभियान सफल
सभी देशवासियों को बधाई व शुभकामनाएँ
जय हिन्द…
पर्वतों की शरण में आने का पहला नियम है; अपने अहंकार का त्याग, क्योंकि इनपर झुककर चढ़ना पड़ता है, और सर झुकाकर उतरना पड़ता है। जो पर्वतों के नियम का पालन नहीं करते उनको ये मिट्टी में मिला देते हैं।
और जो इनके नियमों का सम्मान करते हैं उनको ये अपनी तरह शारीरिक शक्ति, मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊँचाई देते हैं।
चित्र: गढ़वाल, उत्तराखण्ड.आवश्यकता है, पूरे उत्तराखण्ड को उसकी भौगोलिक, धार्मिक, पर्यावरणीय, आर्थिक, सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, और रोज़गार आधारित मास्टर प्लान से विकसित करने की।
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उत्तराखंड में पिछले दिनों चर्चा में आए पेपर लीक घोटाला, भर्ती घोटाला, अवैध खनन से पुल क्षति, और अंकिता हत्याकांड से कुछ तथ्य निकलकर आए हैं:
१. पद, पैसा और पहुँच आज भी मेहनत, ग़रीबी और ईमानदारी पर भारी है।
२. नुक़सान होने के बाद ही राज खुलने या जन आक्रोश पश्चात पत्रकार, सामाजिक संगठन और राजनैतिक पार्टियाँ सक्रिय होती हैं। घटना होने से पहले ये सभी विभिन्न कारणों से चुप रहते हैं।
३. राजनैतिक पार्टियाँ, उनके समर्थक पत्रकार, चैनल और लोग, अपना वोट बैंक (जाति,धर्म) या अपने स्वार्थ के अनुसार (calculated) ही ऐसी घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हैं।
४. अधिकतर, दोषारोपण और अनावश्यक बहस पर ही सबका ध्यान रहता है, भविष्य में इस प्रकार की घटना दुबारा न हो, इसकी रोकथाम व सावधानियों पर कार्रवाई कम ही होती है।
इन घटनाओं की रोकथाम के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, अवैध खनन जैसे भ्रष्टाचार की सूचना देने और उसपर करवाई के लिए उचित व्यवस्था तथा महिला सुरक्षा के लिए आसान व सुलभ पुलिस एवं सूचना तंत्र (including awareness program) के गठन की आवश्यकता है।
छत को ठंडा रखना- गर्मी के मौसम में छत को अधिक समय तक सीधी धूप का सामना करना पड़ता है, इस कारण से छत का पंखा भी गरम हवा देता है और घर के अंदर तापमान अधिक रहता है। छत को इन उपायों से ठंडा रख सकते हैं-
1. छत के ऊपर पूरे छत को ढकने वाली जूट की चटाई बिछाकर उसे सुबह-शाम पानी से भिगोते रहना चाहिए। छत की पानी की टंकी से भी छिद्रदर पाइप लगाकर इसे निरंतर गीला रखा जा सकता है।
2. छत के ऊपर फूल सब्जी या अन्य प्रकार के पौधे, मिट्टी के गमलों में लगाने से भी छत को ठंडा रखा जा सकता है, साथ ही घर की ऑरगेनिक सब्जियों का आनंद लिया जा सकता हैं।
3. पौधे वाले गमले लगाना संभव न हो तो बिना पौधों वाले गमलों को पानी से भरकर रखा जा सकता है, गर्मी से परेशान पक्षियों के लिए भी यह उपयोगी होगा।
4. यदि यह भी संभव न हो तो गमलों को उल्टा करके छत के उपर रखा जा सकता है;
5. आजकल सरकार को ओर से घरेलू सौर ऊर्जा प्लांट लगवाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। छतों में सोलर प्लांट लगवाने से न केवल छत को ठंडा रखा जा सकता है, बल्कि बिजली के बिल को भी काफी कम किया जा सकता है।
दीवारों को ठंडा रखना- छत के अलावा दीवारों को भी ठंडा रखना आवश्यक है क्योंकि सुबह व शाम को जो दीवारें सीधी धूप के संपर्क में रहती हैं, वो गर्म होकर घर के अंदर गर्मी का विकिरण करती रहती हैं। इसके लिए कुछ सरल उपाय हैं-
1. पूर्व व पश्चिम दिशा में दीवारों के ऊपर इस प्रकार शेड बनवाएँ कि दीवारों पर धूप न पड़े।
2. पूर्व व पश्चिम दिशा दिशा की बाहरी दीवारों पर गर्मी अवरोधक, जैसे टाइल्स, लकड़ी के ब्लॉक, चिक आदि लगाने से दीवारों को धूप द्वारा गर्म होने से रोका जा सकता है।
3. सीधी डूप आने वाली जगहों पर कुछ बड़े या बेल वाले पौधे लगाएँ जो दीवारों को धूप से बचाएं, साथ ही घर कि सुंदरता भी बढ़ाएँ।
4. दिन के समय जब बाहरी तापमान बहुत अधिक रहता है, उस समय खिड़की, दरवाजों को बंद रखना चाहिए और पर्दों का इस्तेमाल करना चाहिए, सूती व मोटे पर्दे भी तापमान अवरोधक का कार्य करते हैं।
घर के अंदर क्या कर सकते हैं-
1. पूर्व व पश्चिम दिशा में अंदर की ओर वार्डरोब आदि बनाकर बाहरी दीवार की गर्मी को सीधे अंदर आने से रोका जा सकता है।
2. धुले हुए कपड़ों को घर के अंदर ही सुखाएँ, इससे घर के अंदर ठंडक भी रहेगी और तेज धूप से कपड़े भी सुरक्षित रहेंगे।
3. घर के अंदर अधिक ऑक्सिजन देने वाले पौधे लगाएँ तथा उनको नियमित सींचते रहें। घर में ऑक्सिजन के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा और ठंडक भी मिलेगी।
One pound of knowledge requires ten pounds of common sense, to analyse and use it correctly.